अभी न जाओ छोड़ कर कि दिल अभी भरा नहीं
हवा ज़रा महक तो ले, नजर ज़रा बहक तो ले
ये शाम ढल तो ले ज़रा, ये दिल संभल तो ले ज़रा
मैं थोड़ी देर जी तो लूँ, नशे के घूँट पी तो लूँ
अभी तो कुछ कहा नहीं, अभी तो कुछ सुना नहीं
अभी न जाओ छोड़ कर कि दिल अभी भरा नहीं
-साहिर लुधियानवी
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