Sunday, 11 April 2021

रात

इस भीगी हुई रात में
सिर्फ़ आप सुनाई देते हैं
इन सर्द गर्म बूँदों की धुन में
आपका नाम आहिस्ता से गुनगुना लेती हूँ
इस उम्मीद में
की आप मुस्कुराएँगे

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