Monday, 25 April 2022

रंजिशें

यहाँ बिस्तरों पर खाना खाया जाता है
और
डाइनिंग टेबल को दवाइयों, अचारों और केचप की बोतलों से ढक
नज़र अन्दाज़ किया जाता है
दाल के पुराने धब्बों से कलंकित इस गोलाकार लकड़ी की टेबल
को कभी किसी कारीगर ने बड़े नाज़ों से अपना सबसे बेहतरीन काम बता के बेचा होगा
क्या उसे भी मालूम था
जिस घर में शीशम की यह सजावट जाएगी
वहाँ इसका तिरस्कार पहले दिन से ही शुरू हो जाएगा?
कितनी बेइज़्ज़ती से जूझती है यह बदकिस्मत डाइनिंग टेबल
उसे महसूस हर वक्त ही होता होगा
क्यूँ यहाँ के लोग, इतनी बड़ी अचार की बरनी
उसके जिस्म पर लापरवाही से पटक मारते हैं
और कुर्सी पर बिना बैठे
अपने खाने की प्लेट उठा अपने बिस्तर पर पसर जाते हैं

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